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छत्तीसगढ़ी समाचार पत्र- अंक मार्च 2017

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छत्तीसगढ़ी भाषा के बड़वार खातिर एक उदीम 'अंजोर'। आपके मया आशीष के अगोरा म, जय जोहार ...

सरकार के वायदा खिलाफी अउ कुशासन के खिलाफ कांग्रेस के जेल भरो अंदोलन

धान के 300 रुपिया बोनस, समर्थन मूल्य 2100 रुपिया अऊ आन 20 सूत्रीय मांग

अंजोर.रायपुर ए। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के जबर जलसा के मउका म उत्सव मनावत राज्य सरकार के वायदा खिलाफी अउ कुशासन के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ह जेल भरो आंदोलन के ऐलान करे रिहिसे। जेमा मुख्य रूप ले झीरम घाटी हमला के न्यायिक जांच, चिटफंड कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई, भ्रष्टाचार अउ महंगाई म लगाम, फर्जी मुठभेड़ के न्यायिक जांच, आउट सोर्सिंग म रोक, अजा-जजा ऊपर अत्याचार के कार्रवाई बंद कराय जइसन 20 सूत्रीय मांग ल लेके प्रदेश भर म जबर जेल भरो अंदोलन करे गिस। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल जी के अगुवाई म नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, सांसद छाया वर्मा, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, मो. अकबर, करुणा शुक्ला मन रायपुर म अपन गिरफ्तारी दिस। अइसने कांग्रेस के बड़का नेता मनके सियानी म दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, अभनपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, कवर्धा, महासमुंद, आरंग, जगदलपुर के अलावा जिला अउ ब्लॉग स्तर म तको आंदोलन करत कांग्रेस कार्यकर्ता मन अपन-अपन गिरफ्तारी दिस। जेमा पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, सांसद ताम्रध्वज साहू, पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष उमेश पटेल, एनएसयूआई अध्यक्ष आकाश शर्मा, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ला, पूर्व विधायक बोधराम कंवर के अलावा प्रदेश भर के कार्यकर्ता मन आंदोलन म शामिल होइन।

आर-पार के लड़ाई बर तइयार हवय शिक्षा कर्मी

अंजोर.रायपुर ए। राज भर ले सकलाये शिक्षा कर्मी मन अपन मांग ले लेके फेर राजधानी के धरना डउर म प्रदर्शन करत रैली निकाल के प्रशासन ल ज्ञापन सौंपे हावय। शिक्षाकर्मी मन मुख्य रूप ले मूल विभाग म संविलियन अउ शासकीयकरण, वेतनमान पुनरीक्षण क्रमोन्नत वेतनमान, अनुकम्पा नियुक्ति म प्रशिक्षण के अनिवार्यता खतम करे जइसन मांग करत हावय। धरना डउर म सकलाय शिक्षाकर्मी मन अब अपन 10 सूत्रीय मांग ल लेके आर-पार के लड़ाई के मन बना डरे हावय। घेरी-बेरी गलौली करे बाद अब कहू प्रशासन ऊंखर बात ल नइ मानही तव फेर 8 तारीख के जनप्रतिनिधि मनला मिलके ज्ञापन सौंपही, तभो जब बात नइ बनही तव 15 नवंबर के विकासखंड मुख्यालय म धरना प्रदर्शन अउ 17 नवंबर के विधानसभा घेराव करे जाही। शिक्षक संघर्ष समिति अउ एकता मंच के बेनर म जुरियाए प्रदेश भर के शिक्षा कर्मी मन काहत हावय के ये आखरी रैली अउ धरना आए येकर बाद आर-पार के लड़ाई होही। 

बस्तर के दशहरा उत्सव के सोर अब सात संमुदर पार तको

बस्तर लोकोत्सव 30 सितंबर ले 12 अक्टूबर तक 

अंजोर ए.जगदलपुर। बस्तर के दशहरा परब आदिवासी संस्कृति अउ परंपरा के सेती देश दुनिया म अपन अलगेच पहचान बनाये हाबे। इहां के दशहरा ल देखे खातिर आन राज के अलावा विदेश ले तको पर्यटक मन बस्तर आथे अउ दंतेश्वरी माई के आसिक पाथे। 75 दिन तक ले चलइया ये परब ह हरेली ले सुरू होथे। जेन म बस्तरिहा मन अपन पंरपरा के अनुरूप उत्सव के जोखा करथे। जेन म प्रमुख रूप ले-
काछनगादी
बस्तर दशहरा के शुरूआत काछनगादी ले होथे। ये दिन माई के भगत मन धूमधाम ले काछन गुड़ी म सकलाथे दंतेश्वरी माई के पुजारी के अगवई म। कुंवारी के कन्या उपर देवी आए के बाद ओला कांटा के झुलना म बइठा के झुलाये जाथे। सबो भगत मन माता के पूजा करके बस्तर दशहरा मनाये के आदेश पाथे अउ तियारी म लग जाथे। 
जोगी बिठाई
दशहरा परब ह बिगर कोनो बाधा बिघ्न के उरक जाये इही कामना लेके जोगी बिठाई के रस्म करे जाथे। ये दिन अंचल के हल्बा समाज के एक आदमी ल सीरासार के गड्डा म बिठाये जाथे जेन ह नौ दिन तक योगसाधना म बइठे सिरिफ फलाहार करथे। तइहा समें ले इहां बकरा के बलि के रिवाज हावय फेर अब मांगुर मछली ल ही कांटे जाथे।
रथ परिक्रमा
जोगी बिठाई के दूसइया दिन ले रथ चले के सुरू हो जथे। फूल पान अउ तोरण-पताका ले सजे 12 चक्का वाले रथ म दंतेश्वरी माई के छत्र सवार होथे। रथ म सवार माई के छत्र ह नगर के कुछ मार्ग के परिक्रमा करके फेर सिंहद्वार म आके खड़ा होथे। ये मउका म गांव-गांव ले आये देवी-देवता मनके छत्र अउ बस्तर के लोक संस्कृति के अद्भूत रंग देखे ल मिलथे। 
जोगी उठाई, मावली परघाव
नवमीं के दिन सिरासार म बइठे जोगी ल उठाये के रिवाज होथे। मान सम्मान के संग वो युवक ल भेंट तको दे जाथे। इही दिन दंतेवाड़ा ले आये माई के डोला म मावली माता के सुवागत करे जाथे। मावली माता ल दंतेश्वरी माई के रूप माने जाथे। मावली माता ह दशहरा परब म शामिल होय खातिर डोला म सवार होके जगदलपुर आथे। 
भीतर रैना
दशमी के दिन भीतर रैना के कार्यक्रम संपन्न होथे। विजयादशमी के दिन रथ कना भइसासुर के प्रतिक भइसा बलि के प्रथा रिहिसे। इही दिन रातकुन पंरपरा के अनुसार रथ ल चोरा के आदिवासी मन कुमढ़ाकोट लेगथे। 
बाहर रैना
एकादशी के दिन बाहिर रैना के कार्यक्रम होथे। कुमढ़ाकोट म राजपरिवार के सदस्य, पुजारी, आन-आन गांव के मांझी, मुखिया मन अपन देवी-देवता के छत्र के संग देवी के पूजा करथे अउ अन्न चढ़ाके परसाद पाथे। फूल माला, नवा कपड़़़ा अउ झालर ले सजे रथ परिक्रमा करत फेर दंतेश्वरी मंदिर पहुंचथे।
मुरिया दरबार 
बाहिर रैना के बिहान दिन मुरिया दरबार के आयोजन होथे। दशहरा उरके के खुशी के संग काछिन देवी ल काछन गुड़ी ठउर म फेर अमराके बस्तरिहा मनके दरबार लगथे। जिहां आन-आन गांव ले आये मुखिया मन आपस म गोठबात करथे। मुरिया दरबार के संगे गांव-गांव ले आए देवी-देवता मनके विदाई हो जथे। 
ओहाड़ी
तेरस के दिन बिहनिया मावली माता के पूजा मंडप म माता के दंतेवाड़ा के बिदाई म जात्रा होथे। इही बिदाई कार्यक्रम ल ओहाड़ी कहे जाथे अउ ओहाड़ी उरके के बाद बस्तर दशहरा तको सिराथे। 

पांच दिन ले राज्य स्थापना दिवस के जबर जलसा

राज्योत्सव म प्रधानमंत्री ल नेवता

अंजोर.रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मउका म होवइया जलसा ल आगू एके दिन मनाये के घोषणा होय के बाद अब सरकार ह फेर 1 नवंबर ले 5 नवंबर तक नया रायपुर म मनाये के फइसला करे हावय। उहीच अफसर अउ मंत्री मन प्रदेश म सुक्खा के हालात ल देखत एक दिन राज्योत्सव मनाये के फइसला करे रिहिसे फेर अचानक चार दिन बाद उही अफसर अउ मंत्री मन बइठका करके पांच दिन मनाये के घोषणा कर डरिस। कारण भले ये कहे जावत हावय के छत्तीसगढ़ म पानी पर्याप्त मात्रा म गिरे हावय अउ फसल तको बने हावय, लेकिन असल बात ये हावय के संगठन के दबाव म फइसना बदले गिसे। प्रधानमंत्री ल राज्योत्सव म बलाके पार्टी अउ कार्यकर्ता मनके भीतर जोश भर के सत्ता म जमे रेहे के उदीम आए। भाजपा सरकार के कहना हावय के नवा छत्तीसगढ़ राज ह भाजपा के देन आए इही पाके अइसन कोनो मउका नइ छोड़ना चाहत हावय जेन म पार्टी अउ नेता के सोर बगरय। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षता म आयोजित बइठका म राज्योत्सव म प्रधानमंत्री ल तको नेवता पठोय के फइसला करे गिस। ऊंकरे हाथ ले नया रायपुर म पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रतिमा अनावरण अउ जंगल सफारी के लोकार्पण के संग राज्य अलंकरण समारोह कराये जाही अऊ पांच दिन ले जबर सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन संस्कृति विभाग कोति ले करे जाही।